Sunday, September 9, 2012

SUNDAY...खुशामदीद..:-)

रात भी इस ब्रह्माण्ड को चलाने में उजाले के बराबर योगदान देता है.रात एक नए दिन के शुरुआत,एक नई रौशनी की मार्गदर्शक है.रात समय की वह गति है जो हमारे जीवन में सूर्य,उजाले  की सीमित आकांक्षा को प्रमाणित करता है.रौशनी के दिए हुए जख्मो को आराम प्रदान करता है ताकि फिर से हम दुबारा इसके द्वारा दिए जाने वाले जख्म का सामना कर सके.रात हमें सपने दिखता है ताकि जिंदगी से जुडी आशाओं की गतिवृद्धि हो सके.रात हमारे शरीर के खर्च हुए उर्जा को समायोजित कर पुनः ताजादम करता है.रात उजाले की ख़्वाहिश,चाहत का संरक्षण करता है ताकि हमारी रौशनी से मोहब्बत कभी कम न हो सके.अँधेरे में रौशनी रौशनी नहीं वल्कि इसकी जीवन संगिनी लगती है.रात के अँधेरे में ही सितारे की रौशनी चकाचौंध लगती है,उजाले सितारों की चमक,सितारों की उंचाई क्या जाने? अँधेरे में रौशनी की चमक के साथ रात और भी मादक हो जाती है जैसे की उजाले के थकान के नशे में मदहोश हमारा शरीर रात के आगोश में लिपट जाने को आतुर होता है.रात शुन्य का परिचायक है जो हमें आगे,तेज भागने और भागते रहने का सन्देश देता है.रात रौशनी का अस्थायी का अंत है जैसे दिन रात का,अंधकार का.जीवन की हर एक रात बीता हुआ पल है वही हर एक दिन एक नया जीवन,एक नयी आशा,एक नया प्रोत्साहन है,एक नयी तस्वीर है,एक नया संघर्ष,एक नयी उपलब्धि है.दिन कोरा कागज है तो रात स्याही.दिन एक लेख है तो रात एक लेखक.दिन अगर गुमान है तो रात एक ईमान है.फूल रातों में भी खिलते है उजालो की शक्ल में,कही नाम रात रानी तो नहीं!!!!

A very good morning SUNDAY...खुशामदीद..:-)

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